5 Day FDP Workshop

के.आर. टेक्निकल कॉलेज, संजय नगर में “क्लासरूम टीचिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंटीग्रेशन” विषय पर आयोजित पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) की विस्तृत एवं अनुच्छेद-वार (पैराग्राफ-वाइज) रिपोर्ट प्रस्तुत है:

दिन 1: उद्घाटन सत्र एवं एआई का परिचय

के.आर. टेक्निकल कॉलेज के आईक्यूएसी एवं कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारंभ संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, अम्बिकापुर और छत्तीसगढ़ सूचना प्रौद्योगिकी सोसायटी (सीजीएसआईटी) के सहयोग से गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महाविद्यालय की नई वर्चुअल लैब का शुभारंभ रहा, जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. एच. एस. होता ने किया। उन्होंने इसे आधुनिक तकनीकी शिक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से विद्यार्थी किसी भी स्थान से अध्ययन और प्रयोगों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा ने जानकारी दी कि इस लैब में कंप्यूटर विज्ञान, भौतिकी, बॉटनी, जूलॉजी सहित 200 से अधिक वर्चुअल एक्सपेरिमेंट उपलब्ध हैं, जो तकनीकी और प्रायोगिक शिक्षा को बेहद आसान बनाएंगे।

उद्घाटन सत्र के उपरांत पहले दिन के तकनीकी सत्रों की शुरुआत हुई। प्रथम तकनीकी सत्र में महाविद्यालय की निदेशक डॉ. रीनू जैन ने “शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय” विषय पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए शिक्षा क्षेत्र में एआई की बढ़ती भूमिका, आवश्यकता और उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एआई शिक्षण, अधिगम और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, सरल तथा परिणामोन्मुख बना रहा है।

द्वितीय तकनीकी सत्र में प्राचार्य एवं कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रितेश वर्मा ने “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से प्रश्नोत्तरी एवं गृहकार्य का निर्माण” विषय पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न एआई आधारित टूल्स की मदद से प्रश्नोत्तरी, असाइनमेंट और शिक्षण सामग्री तैयार करने की लाइव प्रक्रिया का प्रदर्शन कराया और शिक्षकों से इस पर स्वयं अभ्यास भी करवाया।

दिन 2: एआई आधारित लेसन प्लानिंग और पर्सनलाइज्ड लर्निंग

फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दूसरे दिन विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए एआई आधारित आधुनिक शिक्षण तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। पहले तकनीकी सत्र में संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रेशम लाल प्रधान ने “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लेसन प्लानिंग एवं कंटेंट क्रिएशन” विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने समझाया कि आज के डिजिटल युग में एआई केवल सूचना का स्रोत नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए एक सशक्त ‘टीचिंग असिस्टेंट’ के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने विभिन्न एआई टूल्स के जरिए प्रभावी लेसन प्लान तैयार करने, लर्निंग आउटकम्स निर्धारित करने और आकर्षक प्रेजेंटेशन व प्रश्न बैंक बनाने की लाइव प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।

दूसरे तकनीकी सत्र में कंप्यूटर साइंस विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. हिमांशु साहू ने “पर्सनलाइज़्ड एवं एडैप्टिव लर्निंग में एआई की भूमिका” विषय पर ज्ञानवर्धक चर्चा की। उन्होंने बताया कि हर विद्यार्थी की सीखने की गति और क्षमता अलग होती है, और एआई आधारित एडैप्टिव लर्निंग सिस्टम विद्यार्थियों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कैसे एआई कमजोर छात्रों की कमियों को दूर करने और प्रतिभाशाली छात्रों को उन्नत सामग्री देने में मददगार है, साथ ही उन्होंने इसके नैतिक उपयोग पर भी जोर दिया।

दिन 3: एआई टूल्स और स्वचालित मूल्यांकन प्रणाली

प्रशिक्षण के तीसरे दिन शिक्षकों ने आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स और स्मार्ट मूल्यांकन प्रणालियों के तकनीकी पहलुओं को गहराई से समझा। प्रथम तकनीकी सत्र में संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. एच.एस.पी. टोंडे ने “Overview of AI Tools (ChatGPT, Claude, Gemini & Others)” विषय पर सत्र का संचालन किया। उन्होंने बताया कि चैटजीपीटी, क्लाउड, जेमिनी और कोपायलट जैसे टूल्स शिक्षकों के लिए पाठ योजना, अनुसंधान कार्य और शैक्षणिक संसाधन उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार करने में कितने उपयोगी हैं। उन्होंने लाइव डेमो के माध्यम से प्रभावी ‘प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’ की तकनीकों को विस्तार से समझाया और शिक्षकों से इनका विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया।

द्वितीय तकनीकी सत्र में के.आर. टेक्निकल कॉलेज, सूरजपुर के प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा ने “AI in Assessment & Automated Feedback Systems” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मूल्यांकन प्रणालियाँ परीक्षा और फीडबैक की प्रक्रिया को बेहद त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी बना रही हैं। सत्र के दौरान उन्होंने विभिन्न एआई टूल्स का लाइव प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों से मोबाइल आधारित हैंड्स-ऑन गतिविधियाँ कराईं, जिससे शिक्षकों ने स्वयं स्वचालित मूल्यांकन और फीडबैक तैयार करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।

दिन 4: हैंड्स-ऑन लैब, गूगल एआई स्टूडियो और नेटलिफाई प्लेटफॉर्म

चौथे दिन के दोनों तकनीकी सत्र पूरी तरह से व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) रहे, जिसमें शिक्षकों ने अपने मोबाइल फोन और लैपटॉप के माध्यम से विभिन्न डिजिटल मंचों पर सीधे काम किया। पहले तकनीकी सत्र में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, अम्बिकापुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. मोहन राव मामडीकर ने “Google AI Studio एवं Netlify Platform” पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने Google AI Studio के जरिए Gemini AI Model का उपयोग करते हुए उन्नत प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग का प्रदर्शन किया, जिससे कम समय में उच्च गुणवत्ता की शैक्षणिक सामग्री तैयार की जा सके। इसके अलावा, उन्होंने Netlify Platform के माध्यम से वेबसाइट डिप्लॉयमेंट, गिटहब एकीकरण और सुरक्षित होस्टिंग की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन कर शिक्षकों को खुद वेबसाइट प्रकाशित करने का अभ्यास कराया।

दूसरे तकनीकी सत्र में के.आर. टेक्निकल कॉलेज के सहायक प्राध्यापक श्री फैज़ुल हुडा ने “Discipline-Specific AI Applications – Practical & Non-Coding Hands-on” विषय पर बात की। उन्होंने साबित किया कि एआई केवल तकनीकी विषयों तक सीमित नहीं है, बल्कि कला, वाणिज्य, भाषा और सामाजिक विज्ञान जैसे गैर-तकनीकी विषयों में भी शिक्षण को रचनात्मक बना सकता है। उन्होंने शिक्षकों को उनके अपने विषयों के अनुसार एआई का उपयोग करके अध्ययन सामग्री और प्रश्न-पत्र तैयार करने का प्रत्यक्ष अभ्यास करवाया तथा तथ्यात्मक सत्यापन और नैतिक उपयोग के महत्व को समझाया।

दिन 5: संस्थागत एआई नीति, नैतिकता और डेटा गोपनीयता

पाँचवें और अंतिम दिन के सत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी, नैतिक और संस्थागत उपयोग पर गहन मंथन किया गया। प्रथम तकनीकी सत्र में कॉलेज की निदेशक डॉ. रीनू जैन ने “Institutional AI Policy Discussion & Action Plan” विषय पर दूरदर्शी व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में हर शिक्षण संस्थान के लिए एक स्पष्ट और उत्तरदायी ‘Institutional AI Policy’ होना अनिवार्य है। उन्होंने घोषणा की कि के.आर. टेक्निकल कॉलेज आईक्यूएसी के सहयोग से 90-दिवसीय AI Action Plan तैयार कर रहा है, जिसमें शिक्षण, अनुसंधान और प्रशासनिक कार्यों में एआई के सुरक्षित उपयोग के लिए मानक दिशा-निर्देश और नैतिक पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

द्वितीय तकनीकी सत्र में कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, अम्बिकापुर की प्राचार्य डॉ. जया शर्मा ने “AI Ethics, Academic Integrity, Bias & Data Privacy” विषय पर प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने शैक्षणिक ईमानदारी (Academic Integrity) पर जोर देते हुए बताया कि एआई से प्राप्त सामग्री को बिना उचित संदर्भ या संशोधन के अपने मौलिक कार्य के रूप में प्रस्तुत करना अनैतिक है। उन्होंने डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और एल्गोरिथम बायस (Bias) जैसी चुनौतियों से सतर्क रहने की सलाह दी। इस प्रकार, यह पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों को भविष्य की एआई-सक्षम और उत्तरदायी शिक्षा प्रणाली के लिए पूरी तरह तैयार करने में बेहद सफल साबित हुआ।

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